
"मज़हब नही सिखाता, आपस में बैर रखना
हिन्दी है हम वतन है, हिन्दोस्ताँ हमारा"
सब हर साल गाते है
पर एक मज़हब है जो सिखाता है आपस में बैर
पर एक पन्त है जो सिखाता है इंसानियत को मारना
पर एक धर्म है जो सिखाता है देश को देश ना समझना
वो कौन सा धर्म है ???
वो कौन सा पन्त है ???
वो कौन सा मज़हब है ???
8 comments:
Terrorism in its varied forms is fueled largely, if not wholly, by religion. Be it Islam or Hinduism, Christianity or Buddhism, terrorists receive sustenance, encouragement and promises frm the fundamentalists spawned by these religions. The pious adn the moderates may bemoan the perverse abuse of their religions but the hard truth is that each of these major religions has given birth to groups which have little regard for for human life and dignity, little compunction in destroying innocents – all in the name of religion!
सही कहा आपने. आज आतंकवाद एक मज़हब बन गया है जिसका कोई ईमान नही है, दूसरो को मारना, हिंसा फैलाना यही इनका धर्म है, पता नही किस भागवान या खुदा के लिए करते है ये सब वारदातें. ऐसे ही लिखते रहिये ...
hi yatish
nice thinking and writing..but ur illustration concept hi so good..i like that most.keep sending..
-Manoj Kureel
सही कहा आपने.......
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए!
सही कहा आपने.......
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए!
गुजरात के दंगो का साम्प्रदायीक रंग दिया जाता है कहा जाता है की मानवता की हत्या हुई है और मुसलमानों के द्वारा हमलो को आतंकवाद का नाम दिया जाता है और ये कहा जाता है की आतंकवाद का कोई धर्म या जाती नहीं होता है...तो फिर कौन सी गीता या शरियत के आधार पर ये खून खराबा करते है. आजमगढ़ के मुस्लमान आतंकवादी है या सारेआतंकवादी मुस्लमान.भाई या तो आप आत्म्प्रवंचन के शिकार हैं या हम...........
सादर ब्लॉगस्ते,
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। आपने मेरे ब्लॉग पर पधारने का कष्ट किया व मेरी रचना 'एक पत्र आतंकियों के नाम' पर अपनी अमूल्य टिप्पणी दी। अब आपको फिर से निमंत्रित कर रहा हूँ। कृपया पधारें व 'एक पत्र राज ठाकरे के नाम' पर अपनी टिप्पणी के रूप में अपने विचार प्रस्तुत करें। आपकी प्रतीक्षा में पलकें बिछाए...
आपका ब्लॉगर मित्र
Aasaman humse naraz hai,
Taaronka gussa behisab hai,
Wo sab humse jalte hai,
Kyunki chaand se behatar dost humari pass hai.
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